नवरात्रि हवन मंत्र: घर पर हवन की आसान विधि
नवरात्रि हवन मंत्र क्रम से: गणेश, अग्नि, नवग्रह, नौ देवियाँ, नवार्ण मंत्र और पूर्णाहुति। havan mantra in hindi, हवन की विधि, सामग्री और 2026 की अष्टमी-नवमी तिथि।
बहुत से परिवार नवरात्रि का समापन अष्टमी या नवमी को हवन से करते हैं। 2026 में दुर्गा अष्टमी 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को है और महानवमी 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को, उसी दिन दशहरा भी है। हवन का मुख्य मंत्र नवार्ण मंत्र है: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे स्वाहा।
तारीखें नई दिल्ली के लिए हैं; आपके शहर में तिथि का समय थोड़ा अलग हो सकता है।
नीचे घर पर हवन का एक आसान क्रम दिया है। अगर आपके परिवार की अपनी परंपरा है, या कोई पंडित जी विधि कराते हैं, तो उन्हीं के अनुसार करें। हवन का कोई एक ही "सही" तरीका नहीं है।
हवन सामग्री: क्या चाहिए
- हवन कुंड (या ईंटों पर रखा धातु या मिट्टी का बर्तन)
- आम की लकड़ी या सूखे उपले, थोड़ा कपूर आग जलाने के लिए
- घी और घी डालने के लिए चम्मच, हवन सामग्री
- पूर्णाहुति के लिए एक नारियल और लाल कपड़ा (या मौली)
- फूल, दीपक, और पास में पानी
हवन से पहले: सुरक्षा
- हवन खुली या हवादार जगह पर करें, खिड़की खुली रखें। बंद कमरे में धुआँ भर सकता है।
- पास में पानी की बाल्टी या रेत रखें। आग जलाने के लिए पेट्रोल या मिट्टी का तेल कभी न डालें; कपूर काफ़ी है।
- दुपट्टा, साड़ी का पल्लू और लंबे बाल आग से दूर रखें। बच्चों को कुंड से थोड़ी दूरी पर बिठाएँ।
- आग को कभी अकेला न छोड़ें। हवन के बाद आग अपने आप ठंडी होने दें, और राख पूरी ठंडी होने पर ही हटाएँ।
- जिन्हें साँस की तकलीफ़ है, वे धुएँ से थोड़ा दूर बैठें।
हवन की विधि, क्रम से
हर मंत्र के अंत में स्वाहा बोलते हुए एक चुटकी हवन सामग्री और थोड़ा घी अग्नि में अर्पित करें।
1. पहले गणेश जी
ॐ गं गणपतये नमः स्वाहा Om Gam Ganapataye Namah Swaha
3 बार। हर पूजा की शुरुआत विघ्नहर्ता गणेश जी को याद करके होती है।
2. अग्नि देव
ॐ अग्नये स्वाहा Om Agnaye Swaha
3 बार। अग्नि को आहुति, जो हर आहुति को देवताओं तक पहुँचाती है।
3. नवग्रह
ॐ नवग्रहेभ्यो नमः स्वाहा Om Navagrahebhyo Namah Swaha
3 बार, नौ ग्रहों के लिए।
4. माँ दुर्गा के नौ रूप
दुर्गा के हर रूप के लिए एक आहुति, इसी क्रम में:
- ॐ शैलपुत्र्यै नमः स्वाहा (Om Shailaputryai Namah Swaha)
- ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः स्वाहा (Om Brahmacharinyai Namah Swaha)
- ॐ चन्द्रघण्टायै नमः स्वाहा (Om Chandraghantayai Namah Swaha)
- ॐ कूष्माण्डायै नमः स्वाहा (Om Kushmandayai Namah Swaha)
- ॐ स्कन्दमात्रे नमः स्वाहा (Om Skandamatre Namah Swaha)
- ॐ कात्यायन्यै नमः स्वाहा (Om Katyayanyai Namah Swaha)
- ॐ कालरात्र्यै नमः स्वाहा (Om Kalaratryai Namah Swaha)
- ॐ महागौर्यै नमः स्वाहा (Om Mahagauryai Namah Swaha)
- ॐ सिद्धिदात्र्यै नमः स्वाहा (Om Siddhidatryai Namah Swaha)
5. नवार्ण मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे स्वाहा Om Aim Hreem Kleem Chamundayai Vichche Swaha
यह नवरात्रि हवन की मुख्य आहुति है। हो सके तो 108 बार, नहीं तो 11 या 21 बार। एक व्यक्ति मंत्र बोले और पूरा परिवार साथ में आहुति दे, यह भी अच्छा तरीका है।
6. जयन्ती मङ्गला काली
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥ Om Jayanti Mangala Kali Bhadrakali Kapalini, Durga Kshama Shiva Dhatri Swaha Swadha Namostute
दुर्गा सप्तशती का यह श्लोक देवी को उनके अनेक नामों से पुकारता है: जयन्ती, मंगला, काली, भद्रकाली, दुर्गा, क्षमा, शिवा। श्लोक के अंत में आहुति दें। Mahakatha पर सुनें: जयन्ती मङ्गला काली
7. पूर्णाहुति
नारियल को लाल कपड़े या मौली में लपेटें, बचा हुआ घी साथ लें, और यह मंत्र बोलते हुए नारियल अग्नि में रखें:
ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते। पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥ Om Purnamadah Purnamidam Purnat Purnamudachyate, Purnasya Purnamadaya Purnamevavashishyate
अर्थ: वह पूर्ण है, यह भी पूर्ण है; पूर्ण से ही पूर्ण निकलता है। पूर्ण में से पूर्ण निकाल लें, तब भी पूर्ण ही बचता है। Mahakatha पर सुनें: ॐ पूर्णमदः
8. समापन
आरती करें, फिर सर्वमंगल मंत्र बोलें:
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोस्तु ते॥ Sarva Mangala Maangalye Shive Sarvartha Sadhike, Sharanye Tryambake Gauri Narayani Namostute
फिर एक मिनट चुपचाप बैठें, जब तक अग्नि शांत हो। बहुत से परिवार अष्टमी या नवमी को हवन के बाद कन्या पूजन करते हैं, छोटी बच्चियों को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लेते हैं।
हवन से पहले और बाद
हवन से पहले के नौ दिनों के मंत्र नवरात्रि के नौ दिनों के मंत्र पेज पर हैं, और सभी तारीखें नवरात्रि 2026 कैलेंडर में। किसी भी पूजा या हवन के आम मंत्रों के लिए हवन के मंत्र देखें।
महाकथा रेडियो एक निःशुल्क, 24 घंटे चलने वाला मंत्र रेडियो है, बिना विज्ञापन। हवन की तैयारी करते हुए पीछे देवी मंत्र चलाने हों तो इसे खोल लें। अगर आप किसी अपने के लिए प्रार्थना करना चाहें, तो "प्रार्थना अनुरोध" रोज़ सुबह 7 बजे और शाम 7 बजे (भारतीय समय) प्रसारित होता है; प्रार्थना ₹251 से यहाँ अर्पित करें।
लोग पूछते हैं
नवरात्रि हवन में कौन सा मंत्र बोला जाता है?
मुख्य आहुति नवार्ण मंत्र से दी जाती है: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। इससे पहले गणेश, अग्नि, नवग्रह और नौ देवियों को आहुति दी जाती है।
माँ दुर्गा का हवन मंत्र क्या है?
ज़्यादातर परिवार नवार्ण मंत्र के साथ स्वाहा बोलते हैं, और दुर्गा सप्तशती का श्लोक "ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी… स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते" भी।
2026 में नवरात्रि का हवन कब करें?
अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार दुर्गा अष्टमी (19 अक्टूबर 2026, सोमवार) या महानवमी (20 अक्टूबर 2026, मंगलवार) को।
क्या बिना पंडित के घर पर हवन कर सकते हैं?
हाँ। सच्चे मन से दी गई छोटी-सी आहुति वाला सादा हवन घरों में पुराने समय से होता आया है। हवन छोटा रखें, सुरक्षित रखें, और जहाँ आपकी परंपरा अलग हो, वहाँ उसी को मानें।
हवन में स्वाहा क्यों बोलते हैं?
स्वाहा का भाव है "यह अर्पित है"। परंपरा में स्वाहा अग्नि देव की पत्नी मानी जाती हैं, और हर आहुति स्वाहा कहकर अग्नि को सौंपी जाती है।