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त्योहार · अपडेट 3 अक्टूबर 2026 · Read in English

लक्ष्मी मंत्र: दिवाली 2026 की लक्ष्मी पूजा विधि और मंत्र

दिवाली 2026 कब है (8 नवंबर, रविवार), लक्ष्मी पूजा मंत्र अर्थ सहित और घर पर दिवाली पूजा विधि क्रम से। lakshmi mantra, गणेश वंदना से आरती तक।

दिवाली 2026 में लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर 2026, रविवार की शाम को है। दिवाली का सबसे प्रचलित लक्ष्मी मंत्र लक्ष्मी गायत्री है: ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्। पहले गणेश जी की वंदना करें, दीप जलाएँ, फिर नीचे दिए किसी भी लक्ष्मी मंत्र का 11, 21 या 108 बार जप करें।

दिवाली 2026 कब है

तारीखें नई दिल्ली के लिए हैं; आपके शहर में तिथि का समय थोड़ा अलग हो सकता है।

दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या है। घर साफ़ किया जाता है, दरवाज़े खुले रखे जाते हैं, दीयों की कतारें जलती हैं, और शाम को पूरा परिवार साथ बैठकर माँ लक्ष्मी का स्वागत करता है। लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त ज़्यादातर सूर्यास्त के बाद, प्रदोष काल में होता है; सही समय अपने स्थानीय पंचांग से देख लें।

दिवाली के लक्ष्मी मंत्र

लक्ष्मी गायत्री मंत्र

ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॥ Om Shree Mahalakshmyai Cha Vidmahe, Vishnu Patnyai Cha Dheemahi, Tanno Lakshmi Prachodayat

अर्थ: हम महालक्ष्मी को जानते हैं, विष्णु प्रिया का ध्यान करते हैं; माँ लक्ष्मी हमें प्रेरणा और आशीर्वाद दें। यह परंपरा से समृद्धि और नए अवसरों को पहचानने के लिए जपा जाता है। Mahakatha पर सुनें: लक्ष्मी गायत्री मंत्र

कमले कमलालये (महालक्ष्मी मंत्र)

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः Om Shrim Hrim Shrim Kamale Kamalalaye Prasida Prasida, Om Shrim Hrim Shrim Mahalakshmyai Namah

अर्थ: हे कमल जैसी देवी, जो कमल में निवास करती हैं, हम पर प्रसन्न हों, प्रसन्न हों; महालक्ष्मी को नमस्कार। बहुत से परिवार लक्ष्मी पूजा में इसी को मुख्य मंत्र मानते हैं। Mahakatha पर सुनें: कमले कमलालये

लक्ष्मी बीज मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः Om Hreem Shreem Lakshmibhyo Namah

अर्थ: सब सुख-समृद्धि देने वाली माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद माँगते हैं। "श्रीं" लक्ष्मी का बीज अक्षर है। छोटा मंत्र है, माला पर जपने में आसान; संतोष और नए विचारों के लिए जपा जाता है। Mahakatha पर सुनें: लक्ष्मी बीज मंत्र

लक्ष्मी पूजा मंत्र

ॐ महालक्ष्म्यै नमो नमः ॐ विष्णुप्रियायै नमो नमः ॐ धनप्रदायै नमो नमः ॐ विश्वजननायै नमो नमः Om Mahalakshmyai Namo Namah, Om Vishnupriyayai Namo Namah, Om Dhanapradayai Namo Namah, Om Vishvajananyai Namo Namah

अर्थ: महालक्ष्मी को, विष्णु प्रिया को, धन देने वाली को और जगत की माता को बार-बार नमस्कार। चार नाम, हर नाम एक छोटा-सा अर्पण। फूल चढ़ाते समय बोलने के लिए अच्छा है। Mahakatha पर सुनें: लक्ष्मी पूजा मंत्र

दीप ज्योति मंत्र

दीपज्योतिः परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः । दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते ॥ Dipajyotih Parabrahma Dipajyotirjanardanah, Dipo Haratu Me Papam Dipajyotirnamo'stute

अर्थ: दीपक की ज्योति परब्रह्म है, दीपक की ज्योति जनार्दन (विष्णु) है। यह दीपक मेरे पाप हर ले; दीप ज्योति को नमस्कार। दिवाली का पहला दीया जलाते समय यही बोलें। Mahakatha पर सुनें: शुभं करोति कल्याणम्

दिवाली पूजा विधि: घर पर आसान लक्ष्मी पूजा

अगर आपके परिवार का अपना तरीका है, या पंडित जी पूजा कराते हैं, तो उसी के अनुसार करें। एक सादी पूजा कुछ ऐसी हो सकती है:

  1. स्थान तैयार करें: पूजा की जगह साफ़ करें, चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएँ, और लक्ष्मी जी व गणेश जी की मूर्ति या चित्र साथ रखें। पानी भरा कलश, फूल, अक्षत (चावल), मिठाई और कुछ सिक्के पास रखें।
  2. गणेश वंदना से शुरुआत: हर पूजा गणेश जी से शुरू होती है। नीचे दिया वक्रतुण्ड श्लोक बोलें, ताकि आगे का हर काम बिना विघ्न पूरा हो।
  3. दीप जलाएँ: ऊपर दिया दीप ज्योति मंत्र बोलते हुए।
  4. लक्ष्मी जी का आह्वान: लक्ष्मी पूजा मंत्र बोलते हुए फूल, रोली-कुमकुम, अक्षत और मिठाई अर्पित करें।
  5. माला पर जप: लक्ष्मी गायत्री या बीज मंत्र 108 बार जपें, समय कम हो तो 11 या 21 बार। माला न हो तो हमारा नाम जप काउंटर इस्तेमाल करें।
  6. आरती और प्रसाद: परिवार की आरती गाएँ, प्रसाद बाँटें। अगर आपके यहाँ परंपरा है तो एक दीया रात भर जलता रहने दें, पर उसे परदे और कपड़ों से दूर, सुरक्षित जगह रखें।

गणेश वंदना

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व कार्येषु सर्वदा॥ Vakratunda Mahakaya Suryakoti Samaprabha, Nirvighnam Kuru Me Deva Sarva Kaaryeshu Sarvada

अर्थ: हे घुमावदार सूँड़ और विशाल शरीर वाले, करोड़ों सूर्यों जैसी आभा वाले गणेश जी, मेरे सब कामों को हमेशा बिना विघ्न पूरा करें। Mahakatha पर सुनें: वक्रतुण्ड महाकाय

कुछ परिवार इस रात, या दो दिन पहले धनतेरस पर, धन के रक्षक कुबेर जी की भी पूजा करते हैं। कुबेर और धन्वंतरि के मंत्रों के लिए धनतेरस मंत्र देखें।

धन पर एक बात

लक्ष्मी जी सिर्फ़ पैसा नहीं हैं। उन्हें "श्री" कहा जाता है: सुंदरता, कृपा, सेहत, घर में मेल-जोल और उदारता। लक्ष्मी मंत्र परंपरा से मन को इन सबके लिए खोलने के लिए जपे जाते हैं, किसी सौदे की तरह नहीं। कोई भी मंत्र मेहनत और समझदारी से पैसे के फ़ैसलों की जगह नहीं लेता; हाँ, उन्हें शांत और आभारी मन से करने में मदद कर सकता है। और पढ़ें: धन और समृद्धि के मंत्र।

महाकथा रेडियो एक निःशुल्क, 24 घंटे चलने वाला मंत्र रेडियो है, बिना विज्ञापन, जिस पर ऐसे लक्ष्मी मंत्र दिन-रात बजते हैं। पूजा की तैयारी करते हुए इसे धीमी आवाज़ में चला सकते हैं। किसी अपने के लिए प्रार्थना करनी हो तो "प्रार्थना अनुरोध" रोज़ सुबह 7 बजे और शाम 7 बजे (भारतीय समय) प्रसारित होता है; प्रार्थना ₹251 से यहाँ अर्पित करें।

लोग पूछते हैं

दिवाली 2026 में कब है?

दिवाली और लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर 2026, रविवार को है। धनतेरस दो दिन पहले, 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को है।

दिवाली पर सबसे शक्तिशाली लक्ष्मी मंत्र कौन सा है?

इसका कोई एक जवाब नहीं, परंपराएँ अलग-अलग हैं। लक्ष्मी पूजा में लक्ष्मी गायत्री और "कमले कमलालये" मंत्र सबसे ज़्यादा जपे जाते हैं। जिस मंत्र को आप पूरे ध्यान से जपें, वही आपके लिए सही है।

लक्ष्मी पूजा का मंत्र क्या है?

फूल और प्रसाद चढ़ाते समय यह चार नामों वाला मंत्र बोला जाता है: ॐ महालक्ष्म्यै नमो नमः, ॐ विष्णुप्रियायै नमो नमः, ॐ धनप्रदायै नमो नमः, ॐ विश्वजननायै नमो नमः।

लक्ष्मी का बीज मंत्र क्या है?

लक्ष्मी जी का बीज अक्षर "श्रीं" है। इसे आमतौर पर छोटे मंत्र के भीतर जपते हैं, जैसे ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः।

दिवाली पर लक्ष्मी मंत्र कब जपें?

8 नवंबर 2026 की शाम, सूर्यास्त के बाद, अपने परिवार के लक्ष्मी पूजा मुहूर्त में। पहले गणेश वंदना करें, दीप जलाएँ, फिर 108 बार या जितना ध्यान से हो सके उतना जप करें।

दिवाली पूजा में पहले किसकी पूजा होती है?

हर पूजा की तरह पहले गणेश जी की, फिर माँ लक्ष्मी की। इसीलिए दिवाली पर लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियाँ साथ रखी जाती हैं।

महाकथा रेडियो दिन-रात पवित्र मंत्र बजाता है, निःशुल्क और बिना विज्ञापन के। लाइव सुनें, या अपने किसी प्रियजन के लिए प्रार्थना अर्पित करें।

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