नवरात्रि मंत्र: नवदुर्गा के नौ मंत्र और दुर्गा मंत्र
नवरात्रि के नौ दिनों के नवदुर्गा मंत्र, देवनागरी, रोमन लिपि और हिंदी अर्थ के साथ। साथ में नवार्ण मंत्र, या देवी सर्वभूतेषु, सर्वमंगल और दुर्गा गायत्री।
नवरात्रि के नौ दिनों में हर दिन माँ दुर्गा के एक रूप का होता है। त्योहार मनाने का सबसे सरल तरीका है: हर सुबह उस दिन की देवी का मंत्र धीरे-धीरे, ध्यान से जपना। संस्कृत आनी ज़रूरी नहीं; शुरुआत में सुनते हुए साथ-साथ बोलना भी काफ़ी है।
नवरात्रि 8 दिन में शुरू होगी
पहला दिन रविवार, 11 अक्टूबर है: घटस्थापना और माँ शैलपुत्री की पूजा।
नवदुर्गा मंत्र: नौ देवियों के नौ मंत्र
नीचे पहले दिन माँ शैलपुत्री से लेकर नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री तक, हर देवी का मंत्र उसी क्रम में है जिसमें नवरात्रि में उनकी पूजा होती है।
ॐ शां शीं शूं शैलपुत्र्यै मे शुभं कुरु कुरु स्वाहा
Om Shaam Sheem Shoom Shailaputryai Me Shubham Kuru Kuru Swaha
ॐ, माँ शैलपुत्री को नमन: मेरा कल्याण करें।
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रूं ब्रह्मचारिण्यै नमः
Om Braam Breem Broom Brahmacharinyai Namah
ॐ, माँ ब्रह्मचारिणी को नमन।
ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं चन्द्रघण्टायै नमः
Om Hreem Kleem Shreem Chandraghantayai Namah
ॐ, माँ चंद्रघंटा को नमन।
ॐ ह्रीं कूष्माण्डायै जगत्प्रसूत्यै नमः
Om Hreem Kushmandayai Jagat Prasutyai Namah
ॐ, जगत को जन्म देने वाली माँ कूष्मांडा को नमन।
ॐ ह्रीं सः स्कन्दमात्र्यै नमः
Om Hreem Sah Skandamatryai Namah
ॐ, स्कंद की माता को नमन।
ॐ ह्रीं श्रीं कात्यायन्यै नमः
Om Hreem Shreem Katyayanyai Namah
ॐ, माँ कात्यायनी को नमन।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नमः
Om Aim Hreem Kleem Kalaratryai Namah
ॐ, अंधकार का अंत करने वाली माँ कालरात्रि को नमन।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महागौर्यै नमः
Om Aim Hreem Kleem Mahagauryai Namah
ॐ, उज्ज्वल माँ महागौरी को नमन।
ॐ ह्रीं सः सिद्धिदात्र्यै नमः
Om Hreem Sah Siddhidatryai Namah
ॐ, सिद्धि देने वाली माँ सिद्धिदात्री को नमन।
इस साल (2026) सप्तमी तिथि दो दिन है, इसलिए माँ कालरात्रि का मंत्र 17 और 18 अक्टूबर दोनों दिन जपा जा सकता है। माँ महागौरी का दिन 19 अक्टूबर (दुर्गा अष्टमी) और माँ सिद्धिदात्री का दिन 20 अक्टूबर (महानवमी और दशहरा) है। किस दिन कौन सी देवी हैं, यह नवरात्रि 2026 की तारीखें पेज पर देखें।
दुर्गा मंत्र: नवरात्रि के हर दिन के लिए
ये मंत्र नौ दिनों में से किसी भी दिन, उस दिन के मंत्र के साथ जपे जा सकते हैं।
नवार्ण मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे Om Aim Hreem Kleem Chamundayai Vichche
दुर्गा सप्तशती के केंद्र में यह नौ अक्षरों का देवी मंत्र है। इसमें देवी को एक साथ सरस्वती (ऐं), लक्ष्मी (ह्रीं) और काली (क्लीं) के रूप में नमन किया जाता है। परंपरा से यह मंत्र गुरु से लेकर जपा जाता है; बहुत से परिवार नवरात्रि में इसे रोज़ 108 बार जपते हैं।
या देवी सर्वभूतेषु
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ Ya Devi Sarva Bhuteshu Shakti Rupena Samsthita, Namastasyai Namastasyai Namastasyai Namo Namah
"जो देवी हर प्राणी में शक्ति के रूप में बसी हैं, उन्हें बार-बार नमन।" यह दुर्गा सप्तशती के देवी सूक्त से है, और भय छोड़कर मन को साफ़ करने के लिए जपा जाता है। Mahakatha पर सुनें: Ya Devi Sarva Bhuteshu
सर्वमंगल मंत्र
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ Sarva Mangala Mangalye Shive Sarvartha Sadhike, Sharanye Tryambake Gauri Narayani Namostute
"हे देवी, आप हर शुभ चीज़ का शुभ हैं, सबका सहारा हैं, तीन नेत्रों वाली गौरी हैं, नारायणी हैं: आपको नमन।" यह मंत्र अक्सर पूजा के अंत में बोला जाता है, और मन में आशा और प्रसन्नता के लिए जपा जाता है। Mahakatha पर सुनें: Sarvamangala Mangalye
दुर्गा गायत्री मंत्र
ॐ महादेव्यै च विद्महे दुर्गायै च धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥ Om Mahadevyai Cha Vidmahe, Durgayai Cha Dhimahi, Tanno Devi Prachodayat
"हम महादेवी को जानते हैं, माँ दुर्गा का ध्यान करते हैं: देवी हमें सही राह दिखाएँ।" मन की शांति और पुराने दुख से उबरने के लिए यह मंत्र जपा जाता है। Mahakatha पर सुनें: Durga Gayatri Mantra
नवरात्रि में मंत्र जप कैसे करें
- समय चुनें। सुबह जल्दी का समय पारंपरिक है, पर कोई भी शांत और नियमित समय ठीक है।
- पूर्व या उत्तर की ओर मुँह करके बैठें, दीपक जलाएँ और कुछ धीमी साँसें लें।
- उस दिन की देवी का मंत्र 11, 21 या 108 बार जपें। 108 मनकों की माला से बिना गिने गिनती हो जाती है, या हमारा मुफ़्त जप काउंटर इस्तेमाल करें।
- अंत में सर्वमंगल मंत्र बोलें, या कुछ पल चुप बैठें।
अगर मंत्र जप आपके लिए नया है, तो सुनने से शुरुआत करें। नवरात्रि में (11 से 20 अक्टूबर) महाकथा रेडियो पर हर देवी के दिन उनका मंत्र हर घंटे की शुरुआत में बजता है, सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक (भारतीय समय)। महाकथा रेडियो निःशुल्क है, 24 घंटे चलता है, और इसमें विज्ञापन नहीं हैं।
अष्टमी या नवमी पर हवन करना हो, तो नवरात्रि हवन मंत्र देखें। आज कौन सी देवी का दिन है, यह आज नवरात्रि का कौन सा दिन है पर देखें।
लोग पूछते हैं
नवरात्रि में कौन सा मंत्र जपना चाहिए?
उस दिन की देवी का मंत्र जपें, जो ऊपर दिया है। नौ दिनों तक एक ही मंत्र जपना हो, तो परिवार अक्सर नवार्ण मंत्र, या देवी सर्वभूतेषु, या सर्वमंगल मंत्र चुनते हैं।
नवरात्रि के 9 देवियों के मंत्र कौन से हैं?
पहले दिन माँ शैलपुत्री से नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री तक, हर देवी का अपना मंत्र है। सभी नौ मंत्र इस पेज पर देवनागरी, रोमन लिपि और अर्थ के साथ दिए हैं।
माँ शैलपुत्री का मंत्र क्या है?
ॐ शां शीं शूं शैलपुत्र्यै मे शुभं कुरु कुरु स्वाहा (Om Shaam Sheem Shoom Shailaputryai Me Shubham Kuru Kuru Swaha)। यह नवरात्रि के पहले दिन, 11 अक्टूबर 2026 को जपा जाता है।
माता रानी का मूल मंत्र क्या है?
दुर्गा सप्तशती की परंपरा में नवार्ण मंत्र, ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे, को देवी का मूल मंत्र माना जाता है।
दुर्गा मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?
एक माला, यानी 108 बार, पारंपरिक है। अगर यह ज़्यादा लगे, तो जल्दबाज़ी में 108 बार की जगह पूरे ध्यान से 11 या 21 बार जपना बेहतर है।